सामग्री पर जाएँ

याचितक

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

याचितक संज्ञा पुं॰ [सं॰] किसी से कुछ दिन के लिये माँगी हुई वस्तु । मँगनी की चीज । विशेष—चाणक्य ने लिखा है कि माँगे हुए पदार्थ को जो न लौटावे, उसपर १२ पण जुरमाना किया जाय ।