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रजाय

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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रजाय पु † संज्ञा स्त्री॰ [अ॰ रजा़]

१. आज्ञा । हुक्म । उ॰—(क) चोरन उर करि शुद्ध अति जाहु सु दियो रजाय ।—रघुराज (शब्द॰) । (ख) कोपि दसकंध तब प्रलय पयोद बोल्यो, रावन रजाय धाय आए यूथ जोरि कै ।—तुलसी (शब्द॰) ।

२. मरजी । इच्छा ।