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रढ़ना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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रढ़ना पु क्रि॰ स॰ [हिं॰ रट] १, दे॰ 'रटना' । उ॰—जब पाहन भे बनवाहन से उतरे बनरा जै राम रढ़ै ।—तुलसी (शब्द॰) । २, बहकाना । फुसलाना । उ॰—पुनि पीवत ही कव टकटोरत झूठहिं जननि रढ़ै । सूर निरखि मुख हँसति जसोदा सो सुख उर न कढ़ै ।—सूर॰, १० ।१७४ ।