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रतिक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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रतिक पु † क्रि॰ वि॰ [हिं॰ रत्ती + क (प्रत्य॰)] रत्ती भर । बहुत थोड़ा । जरा सा । उ॰—नेरे चलि आय छलि मेरे मुख पंकज को परसै निसंक नहि संक करै रतिको ।—दीनदयाल (शब्द॰) ।