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रथाङ्ग

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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रथांग संज्ञा पुं॰ [सं॰ रथाङ्ग]

१. रथ का पहिया । उ॰—पारथ की कानि गनि भीषम भहारथ कीं, मानि जब बिरथ रथांग धरि धाए हैं ।—रत्नाकर, भाग

१. पृ॰ ।

२. चक्र नामक अस्त्र ।

३. चक्रवाक पक्षी । चकवा । उ॰—पिक रथांग सुक सारिका सारस हंस चकोर ।—मानस, २ ।८३ ।