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रथोद्धता

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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रथोद्धता संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] ग्यारह अक्षरों का एक वर्णवृत्त जिसका पहला, तीसरा, सातवाँ, नवाँ, और ग्यारहवाँ वर्ण गुरु और बाकी वर्ण लघु होते हैं । अर्थात् इसके प्रत्येक चरण में र, न, र, ल, ग, (/?/ /?/ /?/) होता है । उ॰—रानि ! री लगत राम को पता । हाय ना कहहिं नाहिं आरता । धन्य जो लहत भाग शुद्धता । धूरि हू अति शुची रथोद्धता ।—छंदः- प्रभाकर (शब्द॰) ।