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रददान

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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रददान संज्ञा पुं॰ [सं॰ रद + दान] (रति के समय) दाँतों से ऐसा दबाव कि चिह्न पड़ जाय । विशेष—यह सात प्रकार की बाह्मा रतियों में से एक है । उ॰— आलिंगन चुंबन परस मर्दन नख रददान । अधरपान सो जानिए बहिरति सात सुजान ।—केशव (शब्द॰) ।