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रश्मिकेतु

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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रश्मिकेतु संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. एक राक्षस का नाम ।

२. वह केतु या पुच्छल तारा जो कृत्तिका नक्षत्र में स्थिर होकर उदित हो । कहते है, इसकी चोटी में धुआँ रहता है और इसका फल सातवें केतु के समान होता है ।