रसरस
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]रसरस क्रि॰ वि॰ [हिं॰ रसना] धीरे धीरे ।—शनैःशनैः । उ॰— रस रस सूख सरित सर पानी । ममता त्याग करहि जिमि ज्ञानी ।— मानस, ४ । १६ ।
रसरस क्रि॰ वि॰ [हिं॰ रसना] धीरे धीरे ।—शनैःशनैः । उ॰— रस रस सूख सरित सर पानी । ममता त्याग करहि जिमि ज्ञानी ।— मानस, ४ । १६ ।