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रसिआउर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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रसिआउर † संज्ञा पुं॰ [हि॰ रस+चाउर(=चावल)]

१. ऊख के रस या गुड़ के शर्बत में पका हुआ चावल ।

२. एक प्रकार का गीत जो विवाह की एक रीति में गाया जाता है । जब नई बहु ब्याह कर आती है, तब वह ऊख के रस या गुड़ के शर्बत में चावल पकाकार अपने पति तथा ससुराल के लोगों को परोसकर खिलाती है । उस समय स्त्रियाँ जा गीत गाती है, उसे भी 'रसिआउर' कहते हैं । उ॰— गावहि रसिआउर सब नारी । बजै मृदंग वीर । तमहारी ।— रघुराज (शब्द॰) ।