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राँचना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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राँचना पु † ^१ क्रि॰ अ॰ [सं॰ रञ्डन]

१. अनुरक्त होना । प्रेम करना । चाहना । उ॰— (क) मन काँच नाँचे वृथा साँचे राँच राम ।—बिहारी (शब्द॰) । (ख) मन जाहि राँचो मिलहि सो वर सहज सुंदर साँवरो ।—तुलसी (शब्द॰) ।

२. रंग पकड़ना ।

राँचना पु ^२ क्रि॰ स॰ [सं॰ रक्डन] रंग चढ़ाना । रँगना । उ॰— जो मजीठ औटै बहु आँचा । सो रंग जनम न डोलै राँचा ।—जायसी (शब्द॰) ।