सामग्री पर जाएँ

राजस्थानिक

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

राजस्थानिक संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. एक उच्च राजकीय पद ।

२. उस पद पर प्रतिष्ठित व्यक्ति । वाइसराय । हाकिम । विशोष— गुप्तों के समय में इस शब्द का विशेष प्रचार था । यह पद बहुत ही उच्च होता था । इसका स्थान राजा के बाद और प्रधान अमात्मा के ऊपर था । प्रायः इस पद पर युवराज या राजवंश के लोग ही नियुक्त होते थे ।