रालना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]रालना पु † ^१ क्रि॰ स॰ [हिं॰ रलना]
१. डालना । फेंकना । उ॰— (क) माँड पोवइ कण रालजे लाल विहूणी बाजै है घंट ।—बी॰ रासो, पृ॰ ७९ । (ख) बरंगा राल वरमाल सुरा वरैं, त्रिपत पंखाल दिल खुले ताला ।—रघु॰ रू॰, पृ॰ २० ।
२. ढालना । बहाना । उ॰—रोय सुत किम नीर रालै दलैं, भावी कौण, टालै, हुवो होवण हार ।—रघु॰ रू॰, पृ॰ ११६ ।
रालना पु † ^२ क्रि॰ अ॰ [सं॰ लल (=चाहना), प्रा॰ लल्ल?] पसंद करना । चाहना । इच्छा करना । उ॰—कंत कहै सुनि सर्व सोहागिनि तेरा बोल न रालौं । अब कै क्यौही छूटन पाऊँ बहुरि न तोहि सँभालौ ।—सुंदर॰ ग्रं॰ भा॰ २, पृ॰ ८२७ ।