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रावल

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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रावल ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ राजपुर, हिं॰ राउर] अतःपुर । राजमहल । रनिवास । उ॰—भए बिनु भोर वधू शोर करि रोइ उठी भोइ गई रावल में सुनो साधु भाषिए ।—प्रियादास (शब्द॰) ।

रावल ^२ संज्ञा पुं॰ [पा॰ राजुल] [स्त्री॰ रावलि, रावली]

१. राजा । उ॰—चेतन रावल पावन खंडा सहजहि मूलै बाँधै । ध्यान धनुष धरि ज्ञानवान बेन योग सारे सर साधै ।— कबीर (शब्द॰) ।

२. राजपूताने के कुछ राजाओँ की उपाधि ।

३. प्रधान । सरदार ।

४. एक प्रकार का आदरसूचक संबोधन । उ॰—(क) रावल जी ड्यौढ़ी के भीतर न जाना ।—हरिश्चंद्र (शब्द॰) । (ख) 'रावलि कहाँ है' ? किन कहत हौ कातें ? 'अरी रोष तरज' रोप कै कियो मैं का अवाहे कीं ?—पद्माकर (शब्द॰) ।

५. श्रीबदरीनारायण के प्रधान पंडे की उपाधि ।

६. मथुरा के पास के एक गाँव का नाम । कहते हैं, यहीं राधिका का जन्म हुआ था ।