रिष्यमूक
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]रिष्यमूक संज्ञा पुं॰ [सं॰ ऋष्यमूक] दक्षिण का एक पर्वत जहाँ राम जी से सुग्रीव की मित्रता हुई थी । उ॰—आगे चले बहुरि रघुराया । रिष्यमूक पर्वत नियराया ।—मानस, ४ ।१ ।
रिष्यमूक संज्ञा पुं॰ [सं॰ ऋष्यमूक] दक्षिण का एक पर्वत जहाँ राम जी से सुग्रीव की मित्रता हुई थी । उ॰—आगे चले बहुरि रघुराया । रिष्यमूक पर्वत नियराया ।—मानस, ४ ।१ ।