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रिसौहाँ

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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रिसौहाँ वि॰ [हिं॰ रिस+औहाँ (प्रत्य॰)]

१. क्रुद्ध सा । कुछ कोप- युक्त । थोड़ा नाराज । उ॰—(क) सी करती ओठनि बसी करति आँखिन रिसौंही सी हँसी करति, भौंहनि हँसी करति ।— देव (शब्द॰) । (ख) करी रिसौंहीं जाहिगी सहज हँसौंहीं भौंह । —बिहारी (शब्द॰) ।

२. क्रोध से भरा । कोपसूचक । उ॰— माखे लखन कुटिल भई भौंहैं । रदपुट फरकत नयन रिसौहैं ।—तुलसी (शब्द॰) ।