रुजू
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]रुजू वि॰ [अ॰ रुजुअ (=प्रवृत्त)]
१. जिसकी तबीयत किस ी ओर झुकी या लगी हो । प्रवृत्त । उ॰— (क) प्रेम नगर की रीत कछु बैनन कहत बनीन । रुजू रहत चित चोर सौ नेहिन के मन नैन । —रसनिधि (शब्द॰) । (ख) अमरैया कूकत फिरै काइल सबै जताइ । अमल भयौ ऋतुराज की रुजू होहु सब आइ ।—स॰ सप्तक, पृ॰ २३० ।
२. जा ध्यान दिए हो ।