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रुद्रगण

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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रुद्रगण संज्ञा पुं॰ [सं॰] पुराणानुसार शिव के पारिषद् जिनकी १,॰॰,॰॰,॰॰० और किसी किसी के मत से ३६,॰॰,॰॰,॰॰० है । विशेष— कहते हैं, ये सब जटा धारण किए रहते हैं; इनके मस्तक पर अर्ध चंद्र रहता है; ये बहुत बलवान होते हैं; और योगियों के योगसाधन में पड़नेवाले विघ्न दूर करते हैं ।