रुद्रवन्ती
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]रुद्रवंती संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ रुद्रवन्ती] एक प्रसिद्ध वनौषधि जिसकी गणना दिव्योषधि वर्ग में होती है । विशेष— यह प्रायः सारे भारत में और विशेषतः उष्ण प्रदेशों को वलुई जमीन में जलाशयों के पास और समुद्र तट पर अधिकता से होती है । इसके क्षुप प्रायः हात भर ऊँचे होते हैं और देखने में चने के पोधों के से जान पड़ते हैं । इसके पत्ते भी चने के समान हो होते हैं, शरद ऋतु में जिसमें से पानी को बूँदें टीका करती हैं । काले, पीले, लाल और सफेद फूलों के भेद से यह चार प्रकार की होती है । वैद्यक के अनुसार यह चरपरी, कड़वी, गरम, रसायन, अग्निजनक, वीर्यवधंक और श्वास, कृमि, रक्तपित्त, कफ तथा प्रमेह को दूर करनेवाली होती है । पर्यो॰—स्रवतोया । सजीवनी । अमृतस्रवा । रोमांचिका । महामांसा । चणकपत्री । सुधास्रवा । मधुस्रवा ।