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रुधिराख्य

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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रुधिराख्य संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक प्रकार का रत्न या मणि । विशेष—इसकी गणना कुछ लोग उपरत्नों में और कुछ लोग स्वल्प मणियों में करते हैं । इसका रंग बीच में बिलकुल सफेद और अगल बगल इंद्रनील या नीलम के समान होता है । कहते हैं, यही रत्न पककर हीरा हो जाता है । यह भी माना जाता है कि जो इसे धारण करता है, उसे बहुत सुख और ऐश्वर्य प्राप्त होता है ।