रूज
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]रूज संज्ञा पुं॰ [अ॰] एक प्रकार की वुकनी जिसे मलकर सोना, चादी आदि धातुओँ की चीजों पर जिला किया जाता है । विशेष—यह तूतिए या होराकसीस से बनाया जाता है । पहले तूतिए या कसीस को आग पर तपाते है; और जब वह जल जाता है, तब उसे बारीक पीस डालते है । कभी कभी तूतिए को पानी में गलाकर और निथार तथा धोकर फूँकने से भी रूज बनता है । यह जौहरियों के काम आता है । रूज में खड़िया भी मिलाई जाती है । खड़िया और पारा मिलाकर रूज से बरतन पर जिला या कलई की जाती है ।
२. एक पाउडर या चूर्ण जिससे कपोलों पर लालिमा लाई जाती है । श्रृंगार का एक प्रसाधन ।