रूपक्रान्ता
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]रूपक्रांता संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ रूपक्रान्ता] सत्रह अक्षरों की एक वर्ण- वृत्ति का नाम जिसके प्रत्येक चरण में जगण, रगण, जगण, रगण, जगण और अंत में एक गुरु और एक लघु मात्रा होती है । उ॰—अशेष पुण्य पाप के कलाप आपने बहाइ । विदेह राज ज्यों सदेह भक्त राम के कहाइ । लहै सुभुक्ति लोक लोक अंत मुक्ति होहि ताहि । कहै सुनै पढै़ गुनै जो रामचंद्र चंद्रि- कहि ।—केशव (शब्द॰) ।