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रूपमाला

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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रूपमाला संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ रूप + माला] एक मात्रिक छंद का नाम जिसके प्रत्येक चरण में १४ और १० के विश्राम से २४ मात्राएँ और एक गुरु एक लघु होता है । इसको मदन भी कहते हैं । उ॰—रावरे मुख के बिलोकत ही भए दुख दूरि । सुप्रलाप नहीं रहे उर मध्य आनँद पूरि । देह पावन हो गयो पदपद्म को पय पाइ । पूजतै भयो वश पूजित आशु हो मनुराइ ।—केशव (शब्द॰) ।