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रेजी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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रेजी संज्ञा पुं॰ [फ़ा॰ रेजह्]

१. किसी वस्तु का बहुत छोटा टुकड़ा । सूक्ष्म खंड । उ॰—(क) रेजा रेजा करि तीपे नैनन की कोरन सों काकरेजा वारी सो करेजा काढ़ि लै गई ।—रघुनाथ (शब्द॰) । (ख) परिघ, परशु, नेजे मेघनाद के जे भेजे, तिन्है कै कै रेजे रोजे महावीर भायो है ।—रघुराज (शब्द॰) ।

२. मजदूर लड़का जो बड़े राजगीरों के साथ काम करता है ।

३. अँगिया । सीनाबंद । (बुंदेलखंडी) ।

४. सुनारों का एक औजार जिसमें गला हुआ सोना या चाँदी डालकर पाँसे के आकार का बना लेते हैं । यह लोहे की बनी नाली के आकार का होता है । इसे 'परघनी' भी कहते हैं ।

५. नग । थान । अदद ।

६. महीन कपड़ा । महीन काम किया हुआ रेशमी वस्त्र आदि । उ॰—ज्यों कोरी रेजा बुनै, नियरा आवै छोर ।—कबीर सा॰, पृ॰ ७७ ।