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रौद्रकेतु

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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रौद्रकेतु संज्ञा पुं॰ [सं॰] बृहत्संहिता के अनुसार आकाश के पूर्वदक्षिण मार्ग में शूल के अग्रभाग के समान कपिल (कपासी), रूक्ष, (रूखा), ताम्रवर्ण किरणों से युक्त और आकाश के तीन भाग तक में गमन करनेवाला एक केतु ।