लखौटा

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

लखौटा ^१ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ लाख + औटा (प्रत्य॰)]

१. चंदन, केसर आदि से बना हुआ अंगराग वा अधर राग । उ॰— दरशन तो भुख को भयो सुमुखो मोंहि रसाल । बिना लखौटा हू लगे अधर ओठ अति लाल । लक्ष्मण (शब्द॰) ।

२. एक प्रकार का छोटा डिब्बा जो प्रायः पीतल का बनता है और जिसमें स्त्रीयाँ प्रायः सिंदूर आदि सौभाग्य के द्रव्य रखती है । इसके ढकने में प्रायः शीशा भी लगा होता है ।

लखौटा ^२ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ लेख + औटा (प्रत्य॰)] लिखावट ।

लखौटा पु † ^३ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ लाख + औटा (प्रत्य॰)] लाख की चूड़ी । लखौट ।

लखौटा ^४ वि॰ [हिं॰ लखना(=देखना) + औटा (प्रत्य॰)] परिचायक । लखनिवाला । सुचित करनेवाला । उ॰— जैसे समुद्र में नाव पर सबके आगे मार्ग दिखलानेवाला माँझी रहता है, वैसे ही तेरे हाथ में यह लखौटा है । — भारतेंदु ग्रं॰, भा॰ १, पृ॰ २०१ ।