लघुसमुत्य
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]लघुसमुत्य संज्ञा पुं॰ [सं॰] कौटिल्य के अनुसार वह राजा या राज्य जो लड़ाई के लिये जल्दी तैयार किया जा सके । विशेष—गुरु समुत्य और लघु समुत्थ इन दो प्रकार के मित्रों में कौटिल्य ने दूसरे को ही अच्छा कहा है; कयोकि उसकी शक्ति बहुत नहीं होती, पर वह समय पर खड़ा तो हो सकता है । पर प्राचीन आचार्य गुरु समुत्थ को ही अच्छा मानते थे, क्योंकि यद्यपि वह जल्दी उठ नहीं सकता, पर जब उठता है, तब कार्य पूरा करके ही छोड़ता है ।