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लटोरा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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लटोरा ^१ संज्ञा पुं॰ [हि॰ लट(=चिपचिपाहट)] एक प्रकार का छोटा पेड़ । शलेष्मातक । सपिस्तां । लिटोरा । लिसोड़ा । विशेष—इसकी पत्तियाँ गोल गोल और फल बेर के से होते हैं । यह बसंत में पत्तियाँ झाड़ता है और भारतवर्ष में प्रायःसर्वत्र होता है । फलों में बहुत सा लसदार गुदा होता है । इसका फल ओषध के काम में आता है और सूखी खाँसी को ढीली करने के लिये दिया जाता है । फारसी में इसे 'सपिस्ताँ' कहते हैं, और हकीम लोग मिस्त्री मिलाकर इसका 'लऊक सपिस्ताँ' नामक अवलेह बनाते है और खाँसी में चाटने के लिये देते हैं । संस्कृत में भी इसे 'श्लेष्मांतक' कहते हैं ।

लटोरा ^२ संज्ञा पुं॰ [देश॰] दस इंच के करीव लंबा एक भारतीय पक्षी । विशेष—इसकी गरदन और मुँह काला, डैने नीलापन लिए हुए भूरे ओर दुम काली होती है । इसकी लंबाई दस इंच होती है । यह भारत में स्थायी रूप से रहता है और प्रायः मैदानों में ही पाया जाता है । यह तीन से छह तक अंडे देता है । इसके कई भेद होते हैं । जैसे,—मटिया, कजला, खरखला ।