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लड़बावरा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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लड़बावरा वि॰ [सं॰ लड़ (= लड़कों का सा) अथवा लाड (= प्यार दुलार) + बावरा] [वि॰ स्त्री॰ लड़बावरी]

१. जो लड़क- पन लिए हो । जो चतुर और गंभीर न हो । भोला भाला और उजड्ड । अल्हड़ । मूर्ख । नासमझ । अहमक । उ॰—(क) सखियाँ लड़बावरी रावरी हैं तिनको मति में अति दौरति हौं ।—बेनीप्रवीन (शब्द॰) । (ख) नूर कहै न सुनै, लड़बावरी चदहि दोष कछू न भलाई ।—नूर (शब्द॰) ।

२. गंवार । अनाड़ी । उ॰—एरी लड़बावरी ! अहीरि ऐसी बूझीं तोहि नाहिं सो सनेह कीजै, नाह सों न कीजिए ।—केशव (शब्द॰) ।

३. मूर्खता से भरा हुआ । जिससे मूर्खता प्रकट हो । उ॰— रावरी जो लड़बावरी बात है सो सुनि राखियो, मैं न सहूँगी—रघुनाथ (शब्द॰) ।