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लथाड़

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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लथाड़ संज्ञा स्त्री॰ [अनु॰ लथपथ]

१. जमीन पर पटककर इधर उधर लोटाने या घसीटने की क्रिया । चपेट । जैसे,—ऐसी लथाड़ दी कि होश ठिकाने हो गए ।

२. हार । पराजय ।

३. डाँटडपट । झिड़की । फटकार ।

४. नुकसान । हानि । क्रि॰ प्र॰—देना । मुहा॰—लथाड़ खाना=झिडका जाना । डाँटा जाना । घुड़की सुनना । लथाड़ पड़ना=डाँटा जाना । झिड़की सुनाई जाना । जैले, —आज उसपर खूव लथाड़ पड़ी ।