लप
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]लप ^१ संज्ञा पुं॰ [देश॰] एक प्रकार की घास, जिसे 'सुरारी' भी कहते हैं ।
लप ^२ संज्ञा स्त्री॰ [अनु॰ ]
१. बेंत या लचीली छड़ी को पकड़कर हिलाने से उत्पन्न शब्द या व्यापार ।
२. छुरी, तलवार आदि की चमक की गति । मुहा॰—लप लप करना =(१) बेत या लचीली छड़ी आदि का पकड़कर जोर से हिलाए जाने से शब्द करना । (२) झलकना । चमाचम करना । लप से=लौ या लपट की तरह तेजी से । झट से ।
लप संज्ञा पुं॰ [देश॰]
१. दोनों हथेलियों को मिलाकर बनाया हुआ संपुट जिसमें कोई वस्तु भरी जा सके । अंजली । जैसे,—लप भर आटा ।
२. अंजली भर वस्तु । जैसे,— लप भर निकालकर देना ।