लपलपाना
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]लपलपाना ^१ क्रि॰ अ॰ [अनु॰ लप लप]
१. बेंत यां लचीली छड़ी, टहनी आदि का एक छोर पकड़कर जोर से हिलाए जाने से इधर उधर झुकना । झोंक के साथ इधर उधर लचना या लपना । जैसे— बेत का लपलपाना ।
२. किसी लबी कोमल वस्तु का इधर उधर हिलना डोलना या किसी वस्तु के अंदर से बार बार निकलता । जैसे,—साँप की जीभ लपलपाती है । मुहा॰—जीभ लपलपाना=चखने की इच्छा या लोभ करना । जैसे,— मिठाई खाने के लिये उसकी जीभ लपलपाया करती है ।
३. छुरी, तलवार आदि का चमकना । झलकना ।
लपलपाना ^२ क्रि॰ स॰
१. बेंत या लचीली छड़, टहनी आदि का एक छोर पकड़कर जोर से इधर उधर झुकाना या झोंका देना । झोंक के साथ इधर उधर लचाना । फटकारना । लपाना । जैसे,— मारने के लिये बेंत लपलपाना ।
२. किसी लंबी नरम चीज को इधर उधर हिलाना ड़ुलाना या किसी वस्तु के अंदर से बार बार निकालना । जैसे,— साँप जीभ लपलपाता है ।
३. छुरी, तलवार आदि को निकालकर चमकाना । चमचमाना ।