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लपेटन

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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लपेटन संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ लपेटना] लपेटने की क्रया या भाव । लपेट ।

२. फेरा । बल ।

३. ऐँठन । मरोड ।

४. उलझन । फँसाव ।

लपेटन ^१ संज्ञा पुं॰

१. लपेटनेवाली वस्तु । वह जो चारों ओर सटकर घेर ले ।

२. वह वस्तु जिसे किसी वस्तु के चारो ओर घुमा घुमाकर बाँधें ।

३. वह कपड़ा जिसे किसी वस्तु के चोरों ओर घुमाकर बाँधें । बाँधने का कपड़ा । वेष्टन । वेठन ।

४. पैरों में उलझनेवाली वस्तु । जैसे,— रस्सी का टुकड़ा । (पालकी में कहारों का प्रयोग) । उ॰— काँट कुराय लपेटन लोटन ठाँवहिं ठाँव बझाऊ रे । — तुलसी (शब्द॰) ।

५. वह लकड़ी जिसपर जुलाहे बुनकर तैयार कपड़ा लपेटते हैं । तूर । वेलन ।