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लरखराना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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लरखराना क्रि॰ अ॰ [हिं॰]

१. झोंका खाना । डगमगाना । डिगना । उ॰—(क) धनि जसुमति बड़ भागिनी लिए स्याम खेलाबै ।....लरखरात गिरि परत है चलि घुटुरुवनि धावै ।— सूर (शब्द॰) । (ख) रघुनाथ दौरत में दामिनी सी लसति है, गिरते है, फेरि उठि दौरति है लरखराति ।—रघुनाथ (शब्द॰) । (ग) बेचते लरखराते पैरों से । प्रेमघन॰, भा॰ २, पृ॰ १४३ ।

२. डगमगाकर गिरना । उ॰—गंजेउ सो गरजेउ घोर । धुनि सुनि भूमि भूधर लरखरे ।—तुलसी (शब्द॰) ।

३. दे॰ 'लड़खड़ाना'—३ ।