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लराई

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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लराई पु † संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ लड़ना] दे॰ 'लड़ाई' । उ॰—(क) जहँ तहँ परे अनेक लराई । जीते सवल भूप बरिआई ।— तुलसी (शब्द॰) । (ख) खजन मैन बीच नासा पुट राजत यह अनुहरि । खंजन युग मानो लरत लर ई कोर बुझावत रार ।— सूर (शब्द॰) ।