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ललचना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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ललचना क्रि॰ अ॰ [हिं॰ लालच+ना (प्रत्य॰)]

१. लालच करना । पाने की प्रबल इच्छा करना । प्राप्त करन की अभिलाषा से अधीर होना ।

२. मोहित होना । आसक्त होना । लुब्ध होना । उय॰—मनि मँदिर सब साजू । जहि लखत ललचत सुर- राजू ।—रघुराज (शब्द॰) ।

३. किसी बात की प्रबल इच्छ ा करना । अभिलाष मे अधीर होना । लालसा करना । उ॰—तौ मुख चंद निरीछन को ललचै चख चारु चकोर लला कै ।— दीनदयाल (शब्द॰) । मुहा॰—जी ललचना=मन में पाने की प्रबल इच्छा उत्पन्न होना ।