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ललानी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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ललानी पु † क्रि॰ अ॰ [सं॰ ललन (=लालच करना)] किसी वस्तु की पाने की इच्छा से अधीर होना । लोभ करना । ललचता । लालायित होना । जैसे,—तुम सब कुछ खाते हो, फिर भी ललाते रहते हो । उ॰—(क) नीच निरादर भाजत कादर कूकर टूकन हेतु ललाई ।—तुलसी (शब्द॰) । (ख) कृस गात ललात जा रोटन को घरबात घरै खुरपा खरिया ।—तुलसी (शव्द॰) । विशेष—किसी वस्तु को ललाना' ऐसे प्रयोगों में 'को' कर्म का चिह्न नहीं है, के लिये के अर्थ में संप्रदान का चिह्न है ।