ललारी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]ललारी संज्ञा पुं॰ [सं॰ ललाट] ललाट । लिलार । उ॰—इसके ललीर की खाल सिकुड़ गई थी, दाँत और ओंठ दोनों बदरंग पड़ गए थे ।—श्यामा॰, पृ॰ १४५ ।
ललारी संज्ञा पुं॰ [सं॰ ललाट] ललाट । लिलार । उ॰—इसके ललीर की खाल सिकुड़ गई थी, दाँत और ओंठ दोनों बदरंग पड़ गए थे ।—श्यामा॰, पृ॰ १४५ ।