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लवणसमुद्र

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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लवणसमुद्र संज्ञा पुं॰ [सं॰] खारे पानी का समुद्र । विशेष—यह पुराणोक्त सात समुद्रों में से एक है । पुराणों में तो सातो समुद्रों की उत्पत्ति सागर के पुत्रों के खोदने से या प्रियब्रत राजा के रथ के चलने से वताई गई है; पर ब्रह्मवैवर्त में लिखा है कि श्रीकृष्ण की एक पत्नी विरजा के गर्भ से सात पुत्र हुए,जो सात समुद्र हुए । इनमें से एक पुत्र के रोने के कारण थोड़ी देर के लिये कृष्ण का वियोग हो गया । इसपर विरजा ने उसे शाप दिया कि 'तू लवण समुद्र होगा और तेरा जल कोई न पीएगा' । यह कथा बहुत पीछे की कल्पित जान पड़ती है ।