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लसी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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लसी संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ लस]

१. लस । चिपचिपाहट ।

२. दिल लगने की वस्तु । आकर्षण । जैसे,—वह कुछ लसी पाकर वहाँ जाता है ।

३. लाभ का योग । फायदे का डौल । जैसे,—बिना लसी के आप क्यों कहीं जाने लगे ।

४. संबंध । लगाव । मेलजोल । जैसे,—ऐसे आदमी से लसी लगाना ठीक नहीं । क्रि॰ प्र॰—लगाना ।

५. दूध और पानी मिला शरबत ।