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लिंगनाश

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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लिंगनाश संज्ञा पुं॰ [सं॰ लिङ्गनाश]

१. अंधेरा, जिसमें वस्तु की पहचान न हो सके । तिमिर । अंधकार ।

२. आँखों का एक रोग जिसमें आँखों के सामने कभी अँधेरा, कभी लाल पीला आदि दिखाई पड़ता है । नीलिका नामक रोग । विशेष—सुश्रुत के अनुसार आँख के चौथे पटल में विकार होने से यह रोग होता है । वात, पित्त और कफ के भेद से यह रोग तीन प्रकार का कहा गया है ।

३. शिश्न का नाश (को॰) ।

४. उस चिह्न का न रहना जिससे कोई वस्तु जानी जाय । परिचायक निशान, लक्षण आदि का नाश (को॰) ।