लिसोड़ा
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]लिसोड़ा संज्ञा पुं॰ [हिं॰ लस (=चिपचिपाहट)] मझोले डील का एक पेड़ । विशेष—इसके पत्ते कुछ गोलाई लिए होते हैं । इसके फल छोटे बेर के बराबर होते हैं और गुच्छों में लगते हैं । पकने पर इसमें लसदार गूदा हो जाता है, जो गोंद की तरह चिपकता हैं । यह गूदा हकीम लोग खाँसी में देते हैं । पत्ते बीड़ी (तंबाकू की) के ऊपर लपेटने के काम में आते है । छाल के रेशे से रस्से बटे जाते हैं । अंदर की लकड़ी मजबूत होती है और किश्ती तथा खेती के सामान बनाने के काम की होती है । इसके फूलों को तरकारी और कच्चे फल के अचार भी बनाते हैं । इसे 'लभेरा' और 'लिटोरा' भी कहते हैं । पर्या॰—श्लेष्मांतक । भूकर्बुदार ।