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लेषना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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लेषना पु ^१ क्रि॰ स॰ [हिं॰ लखना] दे॰ 'लखना' । उ॰—दुख सुख अरु अपमान बड़ाई । सब सम लेषहिं बिपति बिहाई ।—तुलसी (शब्द॰) ।

लेषना पु ^२ क्रि॰ स॰ [सं॰ लेखन] दे॰ 'लिखना' । उ॰—सीय स्वयंबरु माई दोऊ भाई आए देषन । सुनत चली प्रमदा प्रमुदित मन, प्रेम पुलकि तन मनहुँ मदन मंजुल मेषन । निरषि मनोहरताई सुपुमाई कहैं एक एक सों भूरि भाग हम धन्य आली ए दिन एषन । तुलसी सहज सनेह सुरंग सब, सो समाज चित चित्रसार लागी लेषन ।—तुलसी (शब्द॰) ।