लोपना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]लोपना पु † ^१ क्रि॰ स॰ [सं॰ लोपन]
१. लुप्त करना । मिटाना । उ॰—(क) कलि सकोप लोषो सुचालि निज कठिन कुचालि चलाई ।—तुलसी (शब्द॰) । (ख) सब ते परम मनोहर गोपी । नँद नंदन के नेह मेह जिनि लोक लीक लोपी ।—सूर (शब्द॰) । (ग) लोपे कोपे इंद्र लौं रोपे प्रलय अकाल । गिरिधारी राखे सबै गो, गोपी, गोपाल ।—बिहारी (शब्द॰) ।
२. छिपाना ।
३. भंग करना (को॰) ।
लोपना ^२ क्रि॰ अ॰
१. लुप्त होना । मिटना । उ॰—राय दसरत्थ के समर्थ राम राय मति तेरे हेरे लोपै लिपि बिधिहु गनक की ।—तुलसी (शब्द॰) ।
२. छिपाना । (क्क॰) ।