लोहार

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

लोहार संज्ञा पुं॰ [सं॰ लौहाकार, प्रा॰ लोह+आर (प्रत्य॰)][स्त्री॰ लोहारिन या लोहाइन] एक जाति जो लोहे का काम करती है । विशेष— इस जाति के अनेक भेद हैं । उनमें से कुछ अपने को व्राह्मण कहते हैं और यज्ञोपवीत धारण करते हैं । उनकी अंतर्जातियों के नाम भी औझा आदि होते हैं । पर अधिकतर आचारहीन होते हैं और शूद्र माने जाति हैं । प्रत्येक अंतर्जाति का खान पान और विवाह संबंध पृथक् पृथक् होता है; और उनके नाम भी भिन्न होते हैं । यौ॰—लोहार की स्याही=कसीस । हीरा कसीस ।