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वचनविदग्धा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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वचनविदग्धा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] नायिकाओं का एक भेद । वह परकीया नायिका जा अपने वचन की चतुराई से नायक की प्रीति का साधन करती हो । जैसे,—जब लौं घर को धनी आवै घरै तब लौं तो कहुँ । चत दैबो करो । पदमाकर ये बछरा अपने बछरान के संग चरैबो करो । अरु औरन के घर तें हम सों तुम दूनी दुहावन लैबो करो । नित साँझ सकारे हमारी हहा ! हरि गैयन को दुहि जैबो करो ।—पद्माकर (शब्द॰) ।