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वजर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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वजर पु † ^१ संज्ञा, पुं॰ [सं॰ वज्र] दे॰ 'वज्र' । उ॰—एक अनेकाँ सूँ हिचै, छाती वजर कपाट ।—बाँकी॰ ग्रं॰, भा॰ १, पृ॰ ५ । यौ॰—वजरकपाट=वज्र के समान दरवाजा ।

वजर ^२ संज्ञा पुं॰ [अ॰] भय । डर । खौफ [को॰] ।