वज्राङ्ग
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]वज्रांग संज्ञा पुं॰ [सं॰ वज्राङ्ग]
१. सर्प । साँप ।
२. हनुमान । उ॰—जलराशि विपुल मथ मिला अनिल में महाराव । वज्रांग तेज घन बना पवन को ।—अनामिका, पृ॰ १५३ ।
वज्रांग संज्ञा पुं॰ [सं॰ वज्राङ्ग]
१. सर्प । साँप ।
२. हनुमान । उ॰—जलराशि विपुल मथ मिला अनिल में महाराव । वज्रांग तेज घन बना पवन को ।—अनामिका, पृ॰ १५३ ।