वनपाल
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]वनपाल संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. बागवान ।
२. बनपालक । उ॰— मुरधर थया वधावणा, हरखे तेरह साख । ज्यूँ वनपालै पीड़ियाँ, सिर आपौ वैसाख ।—रा॰ रू॰, पृ॰ २६ ।
वनपाल संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. बागवान ।
२. बनपालक । उ॰— मुरधर थया वधावणा, हरखे तेरह साख । ज्यूँ वनपालै पीड़ियाँ, सिर आपौ वैसाख ।—रा॰ रू॰, पृ॰ २६ ।