वरमना
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]वरमना पु † क्रि॰ अ॰ [देश॰ या सं॰ विरमण] रमना । झुकना । उ॰—झिरिहिरि बहै बयारि अमी रस ढरकै हो । वरमी नौरँ- गिया कै डारि, चँदन गछ महकै हो ।—पलटू॰ भा॰ ३, पृ॰ ७३ ।
वरमना पु † क्रि॰ अ॰ [देश॰ या सं॰ विरमण] रमना । झुकना । उ॰—झिरिहिरि बहै बयारि अमी रस ढरकै हो । वरमी नौरँ- गिया कै डारि, चँदन गछ महकै हो ।—पलटू॰ भा॰ ३, पृ॰ ७३ ।